अगर हम किसी भी विषय पर बात करें, तो हमेशा उसके सही मानने वाले भी होते है और ग़लत मानने वाले भी तो हमें पता कैसे चले की क्या सही है और क्या ग़लत हर कोई अपने को हे सही मानता है जैसे के
1. चाहे तो कोई भी समय रहा हो, 20 साल के लड़के/लड़की को लगता है के उसका परिवार उसको Enjoy करने नही देता
40 साल के आदमी/औरत को लगता है की बच्चे उनकी बात नही सुनते
2. हर Teacher को लगता है के में तो बच्चो को पढाने के लिए itani मेहनत करता हूं और यह है के ध्यान नही देते इन्हे समझ ही नही है की यह क्या खोने लग रहे हैं
Students को लगता है के यह क्या फालतू का पढ़ा रहे हैं बस यही कोशिश रहते है के कोई ऐसा प्रशन पूछो की teacher अटक जाए यहे सबसे बड़ा Achievement है
3. Employee को लगता है की कितना भी काम करो कुछ भी नही होता और यह Managers सारा काम हम से करवाते हैं, ख़ुद कुछ नही करते
Manager को लगता है की काम के समय तो सबके Reason होते हैं पर Yearly Review के समय सबको सब कुछ चाहिए
4. सास को लगता है बहु न तो कुछ काम करती baatein kitani करवा लो
बहु को लागता है कितना भी काम कर लो सास को तो तस्सली होनी हे नही है
5. पति को लगता है के Tension के समय वैसे ही दिमाग ख़राब रहता है एंड पत्नी ko bhee rahta hai की उसे सब कुछ बताओ अब कोई क्या क्या बताएगा
पत्नी ko लगता है की अगर मेरे पति अपन बात मुझे नही बता रही है तो क्या वो मुझने अपना नही समझते, जो कुछ share नही कर रहे है
तो जब यही नही पता के क्या सही है और क्या ग़लत है तो किसी को क्या कहो ख़ुद क्या करो किसी और को क्या सलाह दो अगर कोई मुझ से पूछे के "क्या किसी को जान से मरना सही है" तो में कहूँगा बिल्कुल नही पर अगर वो Army में हो तो मेरा जवाब बदल जायेगा
To be Continued॥
THE WISE INVESTMENT (Personal Credibility Version)
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People often ask me,
“Why OLSP? Why not just save… or try something else?”
And my honest answer is simple.
Because credibility doesn’t come from what ...
6 hours ago
बात तो ठीक कह रहे हैं।
ReplyDeleteआप चाहें तो वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें और कंमेऩट मॉडरेशन रख लें।
ये तो हर एक का परिप्रेक्ष्य होता है... जिसमें कहीं कोई गलत नहीं है. सब अपने तईं सही हैं...
ReplyDeleteउन्मुक्त और Raviratlami को शुक्रिया,
ReplyDeleteउन्मुक्त जी,
आपके सुझाव के अनुसार में वर्ड वेरीफिकेशन हटा लिया है
Veekaas